The Essence of the Tantra· 11.2 / 25

The Essence of the Tantra11.2

11.2

तत्र कः अधिकारी इति निरूपणार्थं शक्तिपातो विचार्यते

Transliteration (IAST)

tatra kaḥ adhikārī iti nirūpaṇārthaṃ śaktipāto vicāryate

— अधिकारी (पात्र) कौन है ; — निरूपण के लिए ; — शक्तिपात — (दिव्य) शक्ति का अवतरण ; — विचार किया जाता है

यहाँ अधिकारी कौन है — इसके निरूपण के लिए शक्तिपात का विचार किया जाता है।