सिद्धस्तद्वत्सुतोत्पत्त्या सिद्धा एवं चतुर्दश ।
यावत्पञ्चदशः पुत्रः सर्वशास्त्रविशारदः ॥११४॥
siddhastadvatsutotpattyā siddhā evaṃ caturdaśa |
yāvatpañcadaśaḥ putraḥ sarvaśāstraviśāradaḥ
उसी प्रकार पुत्र की उत्पत्ति से (प्रत्येक) सिद्ध (हुआ); इस प्रकार चौदह सिद्ध (परम्परा में) हुए, पन्द्रहवें पुत्र पर्यन्त, जो समस्त शास्त्रों में विशारद (निष्णात) था।