The Vision of Śiva· 7.114 / 122

The Vision of Śiva7.114

7.114
सिद्धस्तद्वत्सुतोत्पत्त्या सिद्धा एवं चतुर्दश । यावत्पञ्चदशः पुत्रः सर्वशास्त्रविशारदः ॥११४॥
siddhastadvatsutotpattyā siddhā evaṃ caturdaśa | yāvatpañcadaśaḥ putraḥ sarvaśāstraviśāradaḥ
— सिद्ध ; — उसी प्रकार ; — पुत्र की उत्पत्ति से ; — सिद्ध (जन) ; — इस प्रकार ; — चौदह ; — पर्यन्त ; — पन्द्रहवाँ पुत्र ; — समस्त शास्त्रों में विशारद (निष्णात)

उसी प्रकार पुत्र की उत्पत्ति से (प्रत्येक) सिद्ध (हुआ); इस प्रकार चौदह सिद्ध (परम्परा में) हुए, पन्द्रहवें पुत्र पर्यन्त, जो समस्त शास्त्रों में विशारद (निष्णात) था।