स्वात्मनात्मानमथ चेत्पश्यन्ती सा भविष्यति ॥६५॥
svātmanātmānamatha cetpaśyantī sā bhaviṣyati
अब यदि (कहो कि) अपने ही आत्मा से अपने आत्मा को देखती हुई वह 'पश्यन्ती' होगी —
अब यदि (कहो कि) अपने ही आत्मा से अपने आत्मा को देखती हुई वह 'पश्यन्ती' होगी —