प्रतिभा कथिता या वा सानुमानं न तच्च ते ॥६४॥
pratibhā kathitā yā vā sānumānaṃ na tacca te
अथवा जो 'प्रतिभा' कही गई है — वह अनुमान नहीं, और अनुमान तो तुम्हें (अभीष्ट ही) नहीं।
अथवा जो 'प्रतिभा' कही गई है — वह अनुमान नहीं, और अनुमान तो तुम्हें (अभीष्ट ही) नहीं।