आप्तानाप्तविचारो वा सर्वथैव निवर्तते ॥५९॥
āptānāptavicāro vā sarvathaiva nivartate
और (तुम्हारे मत में) आप्त-अनाप्त (विश्वसनीय-अविश्वसनीय प्रमाण) का विचार सर्वथा ही निवृत्त हो जाता है।
और (तुम्हारे मत में) आप्त-अनाप्त (विश्वसनीय-अविश्वसनीय प्रमाण) का विचार सर्वथा ही निवृत्त हो जाता है।