The Vision of Śiva· 2.59 / 90

The Vision of Śiva2.59

2.59
आप्तानाप्तविचारो वा सर्वथैव निवर्तते ॥५९॥
āptānāptavicāro vā sarvathaiva nivartate
— आप्त-अनाप्त का विचार ; — और (अथवा) ; — सर्वथा ही ; — निवृत्त हो जाता है

और (तुम्हारे मत में) आप्त-अनाप्त (विश्वसनीय-अविश्वसनीय प्रमाण) का विचार सर्वथा ही निवृत्त हो जाता है।