तानि दृष्ट्वानुसृजति सृष्ट्वा वानुप्रपश्यति ॥२६॥
tāni dṛṣṭvānusṛjati sṛṣṭvā vānuprapaśyati
क्या वह उन्हें देखकर सृजती है, अथवा सृजकर देखती है? (दोनों ही प्रकार से क्रम असंगत है।)
क्या वह उन्हें देखकर सृजती है, अथवा सृजकर देखती है? (दोनों ही प्रकार से क्रम असंगत है।)