The Vision of Śiva· 2.15 / 90

The Vision of Śiva2.15

2.15
अत्रोपासनया सिद्धिर्देवतायोगितेति चेत् ॥१५॥
atropāsanayā siddhirdevatāyogiteti cet
— यहाँ ; — उपासना से ; — सिद्धि ; — देवता के साथ योग ; — यदि ऐसा कहो

यदि कहो कि 'यहाँ उपासना से सिद्धि होती है, देवता के साथ योग होता है' —