Parātrīśikā· 1.17 / 36

Parātrīśikā1.17

1.17
अनेन सिद्धाः सेत्स्यन्ति साधयन्ति च मन्त्रिणः ॥१७॥
anena siddhāḥ setsyanti sādhayanti ca mantriṇaḥ
— इसके (इस साधन के) द्वारा ; — सिद्ध — सिद्धि-प्राप्त जन ; — सिद्धि पाएँगे, पूर्णता को प्राप्त करेंगे ; — सिद्ध करते हैं, पूर्ण करते हैं ; — और ; — मन्त्री — मन्त्र-साधक

इसके द्वारा सिद्ध (साधक) सिद्धि को प्राप्त करेंगे, और मन्त्री (मन्त्र-साधक) अपने प्रयोजन सिद्ध करते हैं।