Bhagavad Gītā (Kashmirian recension)· 11.6 / 60

Bhagavad Gītā (Kashmirian recension)11.6

11.6
पश्यादित्यान्वसून्रुद्रानश्विनौ मरुतस्तथा । बहून्यदृष्टपूर्वाणि पश्याश्चर्याणि पाण्डव ॥ ११-६ ॥
paśyādityānvasūnrudrānaśvinau marutastathā | bahūnyadṛṣṭapūrvāṇi paśyāścaryāṇi pāṇḍava || 11-6 ||
— आदित्यों, वसुओं, रुद्रों को देख ; — दोनों अश्विनों और मरुतों को ; — बहुत-से पहले न देखे हुए ; — आश्चर्यों को देख, हे पाण्डव

हे पाण्डव, आदित्यों, वसुओं, रुद्रों, दोनों अश्विनों और मरुतों को देख; और पहले कभी न देखे हुए अनेक आश्चर्यों को देख।