पश्यादित्यान्वसून्रुद्रानश्विनौ मरुतस्तथा ।
बहून्यदृष्टपूर्वाणि पश्याश्चर्याणि पाण्डव ॥
११-६ ॥
paśyādityānvasūnrudrānaśvinau marutastathā |
bahūnyadṛṣṭapūrvāṇi paśyāścaryāṇi pāṇḍava ||
11-6 ||
हे पाण्डव, आदित्यों, वसुओं, रुद्रों, दोनों अश्विनों और मरुतों को देख; और पहले कभी न देखे हुए अनेक आश्चर्यों को देख।