The Great Liberation Tantra· 3.43 / 153

The Great Liberation Tantra3.43

3.43
न्यसेन्न्यासोक्तविधिना साधकः सुसमाहितः । हृदादिकरपर्यन्तमेवमेव विधीयते ॥४३॥
nyasennyāsoktavidhinā sādhakaḥ susamāhitaḥ | hṛdādikaraparyantamevameva vidhīyate ||43||
— न्यास करे ; — न्यासोक्त विधि से ; — साधक ; — भलीभाँति समाहित ; — हृदय से लेकर हाथों तक ; — इसी प्रकार ; — विहित है

साधक भलीभाँति समाहित होकर न्यासोक्त विधि से न्यास करे; हृदय से लेकर हाथों तक — इसी प्रकार विहित है।