The Great Liberation Tantra· 2.31 / 54

The Great Liberation Tantra2.31

2.31
किं वेदैः किं पुराणैश्च किं शास्त्रैर्बहुभिः शिवे । विज्ञातेऽस्मिन् महातन्त्रे सर्वसिद्धीश्वरो भवेत् ॥३१॥
kiṃ vedaiḥ kiṃ purāṇaiśca kiṃ śāstrairbahubhiḥ śive | vijñāte'smin mahātantre sarvasiddhīśvaro bhavet ||31||
— क्या ; — वेदों से ; — क्या ; — और पुराणों से ; — क्या ; — शास्त्रों से ; — बहुत-से ; — हे शिवे ; — विज्ञात होने पर ; — इस ; — महातन्त्र के ; — समस्त सिद्धियों का ईश्वर ; — हो

हे शिवे, वेदों से क्या, पुराणों से क्या, और बहुत-से शास्त्रों से क्या? इस महातन्त्र के विज्ञात हो जाने पर मनुष्य समस्त सिद्धियों का ईश्वर हो जाता है।