किं वेदैः किं पुराणैश्च किं शास्त्रैर्बहुभिः शिवे ।
विज्ञातेऽस्मिन् महातन्त्रे सर्वसिद्धीश्वरो भवेत् ॥३१॥
kiṃ vedaiḥ kiṃ purāṇaiśca kiṃ śāstrairbahubhiḥ śive |
vijñāte'smin mahātantre sarvasiddhīśvaro bhavet ||31||
हे शिवे, वेदों से क्या, पुराणों से क्या, और बहुत-से शास्त्रों से क्या? इस महातन्त्र के विज्ञात हो जाने पर मनुष्य समस्त सिद्धियों का ईश्वर हो जाता है।