The Great Liberation Tantra· 1.46 / 72

The Great Liberation Tantra1.46

1.46
कदाहाराः कदाचारा भृतकाः शूद्रसेवकाः । शूद्रान्नभोजिनः क्रूरा वृषलीरतिकामुकाः ॥४६॥
kadāhārāḥ kadācārā bhṛtakāḥ śūdrasevakāḥ | śūdrānnabhojinaḥ krūrā vṛṣalīratikāmukāḥ ||46||
— कुत्सित आहार करने वाले ; — कुत्सित आचरण वाले ; — भृत्य, मजदूर ; — शूद्रों के सेवक ; — शूद्र का अन्न खाने वाले ; — क्रूर ; — नीच जाति की स्त्रियों में रति की कामना करने वाले

कुत्सित आहार करने वाले, कुत्सित आचरण वाले, भृत्य, शूद्रों के सेवक, शूद्र का अन्न खाने वाले, क्रूर, और नीच जाति की स्त्रियों में रति की कामना करने वाले होंगे।