The Great Liberation Tantra· 1.19 / 72

The Great Liberation Tantra1.19

1.19
प्रकाशिताश्चतुर्वेदाः सर्वधर्मोपवृंहिताः । वर्णाश्रमादिनियमा यत्र चैव प्रतिष्ठिताः ॥१९॥
prakāśitāścaturvedāḥ sarvadharmopavṛṃhitāḥ | varṇāśramādiniyamā yatra caiva pratiṣṭhitāḥ ||19||
— प्रकाशित किए गए ; — चार वेद ; — समस्त धर्मों से परिपूर्ण ; — वर्ण, आश्रम आदि के नियम ; — जहाँ ; — और निश्चय ही ; — प्रतिष्ठित हैं

समस्त धर्मों से परिपूर्ण चार वेद प्रकाशित किए गए, जिनमें वर्ण, आश्रम आदि के नियम भी प्रतिष्ठित हैं।