— इस प्रकार विज्ञान-भैरव में (अव्यय + अधिकरण); — श्रीदेवी की स्तवन-स्वरूप (षष्ठी + समासगत विशेषण); — एक सौ (कर्म कारक — समासगत); — बारह से अधिक — कुल १११२ (कर्म — समासगत); — कहे गए हैं (कर्मवाच्य भूत कृदन्त); — भेद से रहित, अद्वैत-स्वरूप (समासगत विशेषण)
इस प्रकार विज्ञान-भैरव में श्रीदेवी की स्तवन-रूप (जो ये उपदेश हैं), वे एक सौ बारह (११२) — भेद से रहित (अद्वैत-स्वरूप) — कहे गए हैं।