The Essence of the Tantra· 9.28 / 53

The Essence of the Tantra9.28

9.28

एवम् एकैकघटाद्यनुसारेणापि पृथिव्यादीनां तत्त्वानां भेदो निरूपितः

Transliteration (IAST)

evam ekaikaghaṭādyanusāreṇāpi pṛthivyādīnāṃ tattvānāṃ bhedo nirūpitaḥ

— प्रत्येक एक-एक घट आदि के अनुसार भी ; — पृथिवी आदि तत्त्वों का ; — भेद ; — निरूपित किया गया

इस प्रकार प्रत्येक एक-एक घट आदि के अनुसार भी पृथिवी आदि तत्त्वों का भेद निरूपित किया गया।