The Essence of the Tantra· 8.47 / 93

The Essence of the Tantra8.47

8.47

तस्मात् बुद्धिप्रतिबिम्बितो भावो विद्यया विविच्यते

Transliteration (IAST)

tasmāt buddhipratibimbito bhāvo vidyayā vivicyate

— बुद्धि में प्रतिबिम्बित ; — भाव — वस्तु, पदार्थ ; — (अशुद्ध) विद्या के द्वारा ; — विविक्त (विवेचित) किया जाता है

अतः बुद्धि में प्रतिबिम्बित भाव विद्या के द्वारा विविक्त (विवेचित) किया जाता है।