शिवतत्त्वं पुनर् अपरिमेयं सर्वाध्वोत्तीर्णं सर्वाध्वव्यापकं च
Transliteration (IAST)
śivatattvaṃ punar aparimeyaṃ sarvādhvottīrṇaṃ sarvādhvavyāpakaṃ ca
किन्तु शिव-तत्त्व अपरिमेय (अमेय) है, समस्त अध्वाओं से उत्तीर्ण तथा समस्त अध्वाओं का व्यापक है।
शिवतत्त्वं पुनर् अपरिमेयं सर्वाध्वोत्तीर्णं सर्वाध्वव्यापकं च
śivatattvaṃ punar aparimeyaṃ sarvādhvottīrṇaṃ sarvādhvavyāpakaṃ ca
किन्तु शिव-तत्त्व अपरिमेय (अमेय) है, समस्त अध्वाओं से उत्तीर्ण तथा समस्त अध्वाओं का व्यापक है।