The Essence of the Tantra· 7.21 / 28

The Essence of the Tantra7.21

7.21

सादाख्यात् वृन्दगुणितं शक्तितत्त्वम् इति शक्त्यण्डम्

Transliteration (IAST)

sādākhyāt vṛndaguṇitaṃ śaktitattvam iti śaktyaṇḍam

— सादाख्य (सदाशिव) से ; — वृन्द-गुणित (एक खरब से गुणित) ; — शक्ति-तत्त्व ; — शक्ति-अण्ड (शक्ति का गोलक)

सादाख्य से वृन्द-गुणित शक्ति-तत्त्व — यह शक्ति-अण्ड है।