The Essence of the Tantra· 6.68 / 82

The Essence of the Tantra6.68

6.68

एवम् एकस्मिन् समानमरुति वर्षद्वयं श्वासप्रश्वासयोगाभावात्

Transliteration (IAST)

evam ekasmin samānamaruti varṣadvayaṃ śvāsapraśvāsayogābhāvāt

— एक में ; — समान-वायु में ; — दो वर्ष ; — श्वास-प्रश्वास के योग के अभाव के कारण

इस प्रकार एक समान-वायु में दो वर्ष (होते हैं), क्योंकि (इसमें) श्वास-प्रश्वास का योग नहीं है।