The Essence of the Tantra· 22.3 / 53

The Essence of the Tantra22.3

22.3

आनन्दकृत्रिमाहारवर्जं चक्रस्य याजकाः

Transliteration (IAST)

ānandakṛtrimāhāravarjaṃ cakrasya yājakāḥ

— आनन्द के कृत्रिम साधन रूप आहार को छोड़कर ; — चक्र के याजक

आनन्द के कृत्रिम साधन रूप आहार को छोड़कर (आचरण करने वाले) चक्र के याजक (होते हैं)।