The Essence of the Tantra· 14.16 / 29

The Essence of the Tantra14.16

14.16

तत इत्थं विचारयेत् भोगेच्छोः शुभं न शोधयेत्

Transliteration (IAST)

tata itthaṃ vicārayet bhogecchoḥ śubhaṃ na śodhayet

— फिर इस प्रकार ; — विचार करे (विवेक करे) ; — भोग-इच्छुक के ; — शुभ (पुण्य कर्म) ; — न शोधित करे (दूर न करे)

फिर इस प्रकार विचार करे: भोग-इच्छुक के शुभ (कर्म) को न शोधित करे।