The Essence of the Tantra· 13.36 / 101

The Essence of the Tantra13.36

13.36

देवीचक्राग्रगं त्यक्तक्रमः खेचरतां व्रजेत्

Transliteration (IAST)

devīcakrāgragaṃ tyaktakramaḥ khecaratāṃ vrajet

— देवी-चक्र के अग्र पर पहुँचा हुआ (बोध) ; — त्यक्त-क्रम — क्रम को त्यागकर ; — खेचरता — आकाश-गामिता ; — प्राप्त हो

देवी-चक्र के अग्र पर पहुँचा हुआ, क्रम को त्यागकर खेचरता (आकाश-गामिता) को प्राप्त हो।