एवम् अर्घपात्रे न्यस्य पुष्पधूपाद्यैः पूजयित्वा तद्विप्रुड्भिर् यागसारं पुष्पादि च प्रोक्षयेत्
Transliteration (IAST)
evam arghapātre nyasya puṣpadhūpādyaiḥ pūjayitvā tadvipruḍbhir yāgasāraṃ puṣpādi ca prokṣayet
इस प्रकार अर्घ-पात्र में न्यास कर, पुष्प, धूप आदि से पूजा कर, उसकी विप्रुड् (बूँदों) से याग-सार तथा पुष्प आदि का प्रोक्षण (छिड़काव) करे।