The Vision of Śiva· 2.72 / 90

The Vision of Śiva2.72

2.72
भवतामप्रस्तुतेन न केवलमिहोदितम् ॥७२॥
bhavatāmaprastutena na kevalamihoditam
— तुम्हारे लिए ; — किसी अप्रस्तुत (असंगत) से ; — नहीं ; — केवल ; — यहाँ ; — कहा गया

यहाँ जो तुम्हारे विरुद्ध कहा गया है, वह केवल किसी अप्रस्तुत (असंगत) बात से नहीं कहा गया (अपितु तुम्हारे सिद्धान्त के मर्म पर ही प्रहार है)।