The Vision of Śiva· 2.68 / 90

The Vision of Śiva2.68

2.68
येन सा वा प्रमाणेन स्थाप्यते तस्य सत्यता ॥६८॥
yena sā vā pramāṇena sthāpyate tasya satyatā
— जिसके द्वारा ; — वह ; — अथवा ; — प्रमाण से ; — स्थापित की जाती है ; — उस (प्रमाण) की ; — सत्यता

और जिस प्रमाण से वह स्थापित की जाती है, उस (प्रमाण) की (पहले) सत्यता (सिद्ध करनी होगी)।