तस्माच्छास्त्रं प्रमाणं ते कार्याकार्यव्यवस्थितौ ।
ज्ञात्वा शास्त्रविधानोक्तं कर्म कर्तुमिहार्हसि ॥
१६-२४ ॥
tasmācchāstraṃ pramāṇaṃ te kāryākāryavyavasthitau |
jñātvā śāstravidhānoktaṃ karma kartumihārhasi ||
16-24 ||
अतः कर्तव्य और अकर्तव्य के निर्णय में शास्त्र ही तेरा प्रमाण है; शास्त्र-विधान में कहे हुए को जानकर तुझे यहाँ कर्म करना उचित है।