Bhagavad Gītā (Kashmirian recension)· 1.4 / 47

Bhagavad Gītā (Kashmirian recension)1.4

1.4
अत्र शूरा महेष्वासा भीमार्जुनसमा युधि । युयुधानो विराटश्च द्रुपदश्च महारथः ॥ १-४ ॥
atra śūrā maheṣvāsā bhīmārjunasamā yudhi | yuyudhāno virāṭaśca drupadaśca mahārathaḥ || 1-4 ||
— यहाँ ; — शूरवीर ; — महाधनुर्धर ; — भीम और अर्जुन के समान ; — युद्ध में ; — युयुधान (सात्यकि) ; — विराट ; — द्रुपद ; — महारथी

यहाँ युद्ध में भीम और अर्जुन के समान शूरवीर महाधनुर्धर हैं — युयुधान (सात्यकि), विराट, और महारथी द्रुपद;