The Great Liberation Tantra· 3.99 / 153

The Great Liberation Tantra3.99

3.99
अस्मिन् धर्मे महेशि स्यात् सत्यवादी जितेन्द्रियः । परोपकारनिरतो निर्विकारः सदाशयः ॥९९॥
asmin dharme maheśi syāt satyavādī jitendriyaḥ | paropakāranirato nirvikāraḥ sadāśayaḥ ||99||
— इस ; — धर्म में ; — हे महेशि ; — हो ; — सत्यवादी ; — जितेन्द्रिय ; — परोपकार में निरत ; — निर्विकार ; — सदाशय

हे महेशि, इस धर्म में मनुष्य सत्यवादी, जितेन्द्रिय, परोपकार में निरत, निर्विकार और सदाशय हो;