— कर्म करने से; — उसके लिए; — फल; — नहीं है; — न करने से भी; — कोई किल्विष; — नहीं; — विघ्न; — उसके लिए प्रत्यवाय (भी नहीं); — ब्रह्म-मन्त्र के; — साधन से
उसके लिए कर्म करने से (अधिक) फल नहीं, और न करने से भी कोई किल्विष (दोष) नहीं; ब्रह्म-मन्त्र के साधन से उसे न विघ्न है, न प्रत्यवाय।