The Great Liberation Tantra· 3.68 / 153

The Great Liberation Tantra3.68

3.68
करौ मे पातु विश्वात्मा पादौ रक्षतु चिन्मयः । सर्वाङ्गं सर्वदा पातु परं ब्रह्म सनातनम् ॥६८॥
karau me pātu viśvātmā pādau rakṣatu cinmayaḥ | sarvāṅgaṃ sarvadā pātu paraṃ brahma sanātanam ||68||
— दोनों हाथों की ; — मेरे ; — रक्षा करे ; — विश्वात्मा ; — दोनों पैरों की ; — रक्षा करे ; — चिन्मय (देव) ; — समस्त अंगों की ; — सदा ; — रक्षा करे ; — परम ; — ब्रह्म ; — सनातन

विश्वात्मा मेरे हाथों की रक्षा करें, चिन्मय (देव) पैरों की रक्षा करें; सनातन परम ब्रह्म सदा समस्त अंगों की रक्षा करें।