The Great Liberation Tantra· 3.141 / 153

The Great Liberation Tantra3.141

3.141
शाक्ताः शैवा वैष्णवाश्च सौरा गाणपतास्तथा । विप्रा विप्रेतराश्चैव सर्वेऽप्यत्राधिकारिणः ॥१४१॥
śāktāḥ śaivā vaiṣṇavāśca saurā gāṇapatāstathā | viprā vipretarāścaiva sarve'pyatrādhikāriṇaḥ ||141||
— शाक्त ; — शैव ; — और वैष्णव ; — सौर ; — गाणपत ; — इसी प्रकार ; — ब्राह्मण ; — और ब्राह्मणेतर ; — सभी इसमें अधिकारी

शाक्त, शैव, वैष्णव, सौर, गाणपत, तथा ब्राह्मण और ब्राह्मणेतर — सभी इसमें अधिकारी हैं।