The Great Liberation Tantra· 3.140 / 153

The Great Liberation Tantra3.140

3.140
इति संक्षेपतो ब्रह्मदीक्षा ते कथिता प्रिये । गुरुकारुण्यमात्रेण ब्रह्मदीक्षां समाश्रयेत् ॥१४०॥
iti saṃkṣepato brahmadīkṣā te kathitā priye | gurukāruṇyamātreṇa brahmadīkṣāṃ samāśrayet ||140||
— इस प्रकार ; — संक्षेप से ; — ब्रह्म-दीक्षा ; — तुम्हें ; — कही गई ; — हे प्रिये ; — गुरु की करुणा मात्र से ; — ब्रह्म-दीक्षा का ; — आश्रय ले

हे प्रिये, इस प्रकार संक्षेप से ब्रह्म-दीक्षा तुम्हें कही; गुरु की करुणा मात्र से (मनुष्य) ब्रह्म-दीक्षा का आश्रय ले।