The Great Liberation Tantra· 3.119 / 153

The Great Liberation Tantra3.119

3.119
संकल्पोऽस्मिन् महाहन्त्रे मानसः परिकीर्तितः । साधने ब्रह्ममन्त्रस्य भावशुद्धिर्विधीयते ॥११९॥
saṃkalpo'smin mahāhantre mānasaḥ parikīrtitaḥ | sādhane brahmamantrasya bhāvaśuddhirvidhīyate ||119||
— संकल्प ; — इस ; — महामन्त्र में ; — मानस ; — कहा गया ; — साधन में ; — ब्रह्म-मन्त्र के ; — भाव-शुद्धि ; — विहित है

इस महामन्त्र में संकल्प मानस कहा गया है; ब्रह्म-मन्त्र के साधन में भाव-शुद्धि ही विहित है।