The Great Liberation Tantra· 2.29 / 54

The Great Liberation Tantra2.29

2.29
वेदानामागमानाञ्च तन्त्राणाञ्च विशेषतः । सारमुद्धृत्य देवेशि तवाग्रे कथ्यते मया ॥२९॥
vedānāmāgamānāñca tantrāṇāñca viśeṣataḥ | sāramuddhṛtya deveśi tavāgre kathyate mayā ||29||
— वेदों का ; — और आगमों का ; — और तन्त्रों का ; — विशेषतः ; — सार को ; — निकालकर ; — हे देवेशि ; — तुम्हारे समक्ष ; — कहा जाता है ; — मेरे द्वारा

हे देवेशि, वेदों, आगमों और विशेषतः तन्त्रों का सार निकालकर मैं तुम्हारे समक्ष कहता हूँ।