The Great Liberation Tantra· 2.21 / 54

The Great Liberation Tantra2.21

2.21
तन्त्राणि बहुधोक्तानि नानाख्यानान्वितानि च । सिद्धानां साधकानाञ्च विधानानि च भूरिशः ॥२१॥
tantrāṇi bahudhoktāni nānākhyānānvitāni ca | siddhānāṃ sādhakānāñca vidhānāni ca bhūriśaḥ ||21||
— तन्त्र ; — अनेक प्रकार से कहे गए ; — नाना आख्यानों से युक्त ; — और ; — सिद्धों के ; — साधकों के ; — और ; — विधान ; — और ; — प्रचुर रूप से

तन्त्र अनेक प्रकार से कहे गए हैं, नाना आख्यानों से युक्त हैं, और सिद्धों तथा साधकों के लिए प्रचुर विधान वाले हैं।