Lemma
japaḥ
जप — जप (मन्त्र की पुनरावृत्ति) हो जाती है (पुं. एकवचन)
Morphology
nom. sg. m.
Occurrences
Read in context →- Śiva Sūtras 3.27कथा जपः ॥२७॥
जप — जप (मन्त्र की पुनरावृत्ति) हो जाती है (पुं. एकवचन)
- The Essence of the Tantra 4.24तथा उभयात्मकपरामर्शोदयार्थं बाह्याभ्यन्तरादिप्रमेयरूपभिन्नभावानपेक्षयैव एवंविधं तत् परं तत्त्वं स्वस्वभावभूतम् इति अन्तः परामर्शनं जपः
जप — मानस आवृत्ति
- The Essence of the Tantra 20.17ततो मुद्राप्रदर्शनं जपः तन्निवेदनम्
जप