— इसी प्रकार ही (अव्यय-युग्म); — पहले बन्द करके (क्त्वान्त + अधिकरण); — दोनों आँखों को (कर्म कारक द्विवचन); — काले रंग का, कृष्ण-वर्ण (कर्म कारक — समासगत); — सामने (अव्यय); — फैलाकर, प्रसारित करके (क्त्वान्त); — भैरव-स्वरूप (कर्म कारक); — भावना करता हुआ (वर्तमान कृदन्त); — तन्मय, तद्रूप हो जाता है — कर्ता + विधि लिङ्
इसी प्रकार पहले आँखें बन्द करके, सामने काले रंग का (शून्य-रूप) फैलाकर, भैरव-स्वरूप की भावना करता हुआ (साधक) तन्मय (तद्रूप) हो जाता है। (धारणा ५३)