Vijñāna Bhairava Tantra · 1.158

Vijñāna Bhairava Tantra 1.158

1.158
एतद्विज्ञानविज्ञानात्तत्क्षणाद्योगवित्तमः । योगिनां स महायोगी जायते मम वल्लभे ॥१५८॥
etadvijñānavijñānāt tatkṣaṇād yogavittamaḥ | yogināṃ sa mahāyogī jāyate mama vallabhe
anuṣṭubh
— इस विज्ञान के ज्ञान से (अपादान — समासगत) ; — योग-वित्तम, योग का सर्वोच्च ज्ञाता (कर्ता — समासगत) ; — महायोगी (कर्ता कारक — समासगत)

हे वल्लभे (प्रिये)! इस विज्ञान के ज्ञान से तत्क्षण (साधक) योग-वित्तम (योग का परम ज्ञाता) हो जाता है — योगियों में वह महायोगी बन जाता है।