इदं विज्ञानमुदितं जरामरणनाशनम् ।
ब्रह्मादिदेववन्द्यस्य मन्थानभैरवस्य च ॥१५२॥
idaṃ vijñānam uditaṃ jarāmaraṇanāśanam |
brahmādidevavandyasya manthānabhairavasya ca
anuṣṭubh
— यह विज्ञान (कर्ता कारक); — उदित हुआ है (कर्मवाच्य भूत कृदन्त); — जरा-मरण-नाशक (समासगत विशेषण); — ब्रह्मा आदि देवों से वन्द्य (षष्ठी — समासगत); — मन्थान-भैरव के (षष्ठी — समासगत); — और (अव्यय)
ब्रह्मा आदि देवों से वन्द्य मन्थान-भैरव के (मुख से) यह विज्ञान उदित हुआ है — जो जरा-मरण का नाशक है।