The Essence of the Tantra· 9.21 / 53

The Essence of the Tantra9.21

9.21

विज्ञानाकलस्य स्वरूपत्वे चतुर्णां प्रमातृत्वे नव भेदाः

Transliteration (IAST)

vijñānākalasya svarūpatve caturṇāṃ pramātṛtve nava bhedāḥ

— विज्ञानाकल के स्वरूपत्व में ; — चार के प्रमातृत्व में ; — नौ भेद

विज्ञानाकल के स्वरूपत्व में, चार के प्रमातृत्व में, नौ भेद (होते हैं)।