The Essence of the Tantra· 9.22 / 53

The Essence of the Tantra9.22

9.22

मन्त्रस्य स्वरूपत्वे त्रयाणां प्रमातृत्वे सप्त

Transliteration (IAST)

mantrasya svarūpatve trayāṇāṃ pramātṛtve sapta

— मन्त्र के स्वरूपत्व में ; — तीन के प्रमातृत्व में ; — सात (भेद)

मन्त्र के स्वरूपत्व में, तीन के प्रमातृत्व में, सात (भेद होते हैं)।