The Essence of the Tantra· 8.30 / 93

The Essence of the Tantra8.30

8.30

अनेन च मायाकलाप्रकृतिबुद्ध्यादिविषयं साक्षात्काररूपं ज्ञानं ये भजन्ते ते ऽपि सिद्धाः सिद्धा एव

Transliteration (IAST)

anena ca māyākalāprakṛtibuddhyādiviṣayaṃ sākṣātkārarūpaṃ jñānaṃ ye bhajante te 'pi siddhāḥ siddhā eva

— माया, कला, प्रकृति, बुद्धि आदि विषयक ; — साक्षात्कार-रूप — प्रत्यक्ष अनुभूति रूप ; — ज्ञान ; — भजते हैं, प्राप्त करते हैं ; — सिद्ध — पूर्ण-सिद्ध जन

और इस (हेतु) से माया, कला, प्रकृति, बुद्धि आदि विषयक साक्षात्कार-रूप ज्ञान को जो भजते हैं, वे भी सिद्ध — वस्तुतः सिद्ध ही हैं।