The Essence of the Tantra· 8.3 / 93

The Essence of the Tantra8.3

8.3

तत्र एषां तत्त्वानां कार्यकारणभावो दर्श्यते स च द्विविधः

Transliteration (IAST)

tatra eṣāṃ tattvānāṃ kāryakāraṇabhāvo darśyate sa ca dvividhaḥ

— तत्त्वों का ; — कार्य-कारण-भाव ; — दिखाया जाता है, प्रतिपादित होता है ; — दो प्रकार का

अब इन तत्त्वों का कार्य-कारण-भाव दिखाया जाता है, और वह दो प्रकार का है।