तत्रापि पुनर् अनुत्तरानन्दसङ्घट्टात् वर्णद्वयम् ऐ औ इति
Transliteration (IAST)
tatrāpi punar anuttarānandasaṅghaṭṭāt varṇadvayam ai au iti
वहाँ भी पुनः अनुत्तर और आनन्द के सङ्घट्ट (तीव्र मिलन) से 'ऐ' और 'औ' — ये दो वर्ण उत्पन्न होते हैं।
तत्रापि पुनर् अनुत्तरानन्दसङ्घट्टात् वर्णद्वयम् ऐ औ इति
tatrāpi punar anuttarānandasaṅghaṭṭāt varṇadvayam ai au iti
वहाँ भी पुनः अनुत्तर और आनन्द के सङ्घट्ट (तीव्र मिलन) से 'ऐ' और 'औ' — ये दो वर्ण उत्पन्न होते हैं।