The Essence of the Tantra· 20.13 / 65

The Essence of the Tantra20.13

20.13

परमामृतदृक्त्वं तयार्चयन्ते रहस्यविदः

Transliteration (IAST)

paramāmṛtadṛktvaṃ tayārcayante rahasyavidaḥ

— परम-अमृत-दृक्त्व (परम अमृत के दर्शन की दशा) ; — उसके द्वारा (उस कान्ति से) ; — अर्चन करते हैं ; — रहस्यविद् (रहस्य/गुह्य सिद्धान्त के ज्ञाता)

उसके द्वारा रहस्यविद् (रहस्य के ज्ञाता) परम-अमृत-दृक्त्व (परम अमृत के दर्शन की दशा) का अर्चन करते हैं।