The Essence of the Tantra· 14.28 / 29

The Essence of the Tantra14.28

14.28

ततो गुरोः दक्षिणाभिः पूजनम् इत्य् एषा पुत्रकदीक्षा

Transliteration (IAST)

tato guroḥ dakṣiṇābhiḥ pūjanam ity eṣā putrakadīkṣā

— फिर, तदनन्तर ; — गुरु का ; — दक्षिणाओं से पूजन ; — यह ; — पुत्रक-दीक्षा (आध्यात्मिक 'पुत्र'/शिष्य की दीक्षा)

फिर दक्षिणाओं से गुरु का पूजन — यह पुत्रक-दीक्षा है।