The Essence of the Tantra· 14.20 / 29

The Essence of the Tantra14.20

14.20

एवं वासनाभेदम् अनुसन्धाय मुख्यमन्त्रपरामर्शविशेषेण समस्तम् अध्वानं स्वदेहगतं शिवाद्वयभावनया शोधयेत्

Transliteration (IAST)

evaṃ vāsanābhedam anusandhāya mukhyamantraparāmarśaviśeṣeṇa samastam adhvānaṃ svadehagataṃ śivādvayabhāvanayā śodhayet

— इस प्रकार ; — वासना-भेद ; — अनुसन्धान कर (दृष्टि में रखकर) ; — मुख्य मन्त्र के परामर्श-विशेष से ; — समस्त अध्वा ; — अपने देह में गत (स्थित) ; — शिव-अद्वय-भावना से ; — शोधित करे

इस प्रकार वासना-भेद का अनुसन्धान कर, मुख्य मन्त्र के परामर्श-विशेष से समस्त अध्वा को, जो अपने देह में गत है, शिव-अद्वय-भावना से शोधित करे।