The Essence of the Tantra· 13.71 / 101

The Essence of the Tantra13.71

13.71

ततो भूतदेवतादिग्बलिं मद्यमांसजलादिपूर्णं बहिर् दद्यात् आचामेत

Transliteration (IAST)

tato bhūtadevatādigbaliṃ madyamāṃsajalādipūrṇaṃ bahir dadyāt ācāmeta

— भूत-देवता-दिग्-बलि (भूत-देवताओं को दिशा-बलि) ; — मद्य, मांस, जल आदि से पूर्ण ; — बाहर दे ; — आचमन करे (जल का आचमन)

फिर मद्य, मांस, जल आदि से पूर्ण भूत-देवता-दिग्-बलि बाहर दे, आचमन करे।