The Essence of the Tantra· 13.39 / 101

The Essence of the Tantra13.39

13.39

एवम् अन्तर्यागमात्राद् एव वस्तुतः कृतकृत्यता

Transliteration (IAST)

evam antaryāgamātrād eva vastutaḥ kṛtakṛtyatā

— अन्तर्-याग-मात्र से ही ; — वस्तुतः, यथार्थतः ; — कृतकृत्यता — कर्तव्य की पूर्णता

इस प्रकार वस्तुतः अन्तर्-याग-मात्र से ही कृतकृत्यता (होती है)।