The Essence of the Tantra· 10.12 / 18

The Essence of the Tantra10.12

10.12

तथाहि प्रमेयत्वं द्विधा स्थूलसूक्ष्मत्वेन इति दश

Transliteration (IAST)

tathāhi prameyatvaṃ dvidhā sthūlasūkṣmatvena iti daśa

— वह इस प्रकार, अर्थात् ; — प्रमेयता — ज्ञेय होने की दशा ; — दो प्रकार की ; — स्थूल एवं सूक्ष्म से ; — दस

वह इस प्रकार: प्रमेयता दो प्रकार की है — स्थूल एवं सूक्ष्म — अतः दस (तत्त्व)।